मोदी जी के राज में महज पिछले 5 साल में देश भर में भर्ती की 41 परीक्षाएं लीक हुई।
करीब 1.40 करोड़ बच्चों का भविष्य संकट में।
पेपर लीक के इस धंधे में कहा जाता शिक्षा माफिया ने 10 हजार करोड़ कमाये।ये विशुद्ध कालाधन है।
पर ED चुप बैठी है।मोदी सरकार चुप बैठी हैं।आखिर क्यों?