जब साल 2015 में उनके सामने आप सब की ओर से यहां अबू धाबी में मंदिर का प्रस्ताव रखा तो वो तुरंत एक पल भी गंवाए बिना उन्होंने हां कर दिया।
उन्होंने यहां तक कह दिया कि जिस जमीन पर लकीर खींच लेंगे... मैं दे दूंगा।
अब अबू धाबी में इस भव्य-दिव्य मंदिर के लोकार्पण का समय आ गया है।