जिस बहादुरशाह के आक्रमण के कारण ये जौहर हुआ, उस बहादुरशाह को उसके मुश्किल समय में महाराणा सांगा ने चित्तौड़ में शरण दी थी और महाराणा सांगा की माता ने बहादुरशाह को अपने बेटे के समान माना था। उसी गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के कारण महाराणा सांगा की पत्नी महारानी कर्णावती सहित हज़ारों वीरांगनाओं को जौहर करना पड़ा।