उदयभान सिंह राठौड़ का जन्म सन् 1635 ई में भिनाई रियासत मे हुआ था। वे राजपुताने के सबसे बलशाली राजपूत योद्धा थे, उनकी तलवारबाजी में उनके सामने कोई टिक नहीं पाता था। औरंगजेब ने जयपुर रियासत के शासक राजा जय सिंह के कहने पर उदयभान सिंह राठौड़ को महाराष्ट्र के कोंडाना किले के रक्षक पद पर तैनात थे।
वीर तानाजी मालुसरे मराठा सेना के लीडर थे। उन्हें छत्रपती शिवाजी महाराज ने कोंढाणा पर हमला करने के लिए भेजा। सेना के साथ हमला के लिए पहुंचे। वहां पर पहुंचे तो उनका सामना किले की रक्षा में तैनात वहां पर उदयभान सिंह राठौड़ से हुआ। तानाजी ने बहादुरी से युद्ध किया। उदयभान से घमासान युद्ध के दौरान तानाजी घायल हो गए। अंत में किला तानाजी ने जीत लिया। लेकिन तानाजी गंभीर रूप से घायल होने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए। पर उदयभान सिंह राठौड़ गंभीर रूप से घायल होने के बाद सूर्याजी मालुसरे के हतो मारे गये।