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बीते दिनों बाल कलाकार अनिल कपूर की ओटीटी डेब्यू ‘एके वर्सेज एके’ देखी। इसे पूरी तरह ओरिजनल रखने की कोशिश की है। सभी किरदार रियल लिखे गये है।
अनिल का एटीट्यूड भी दिखलाया है।
फिल्म में अनिल डायलॉग बोलते है, ‘1986 में 13 हिट लाइन से दी थी’
संवाद सुनकर संदेह हुआ और साथ ही भारतीय इतिहास भी अचंभे में पड़ गया कि ये कब हुआ? और हुआ तो मैं क्या कर रहा था?
फिर अनिल कपूर की फिल्मी कुंडली खंगाली गई और देखा कि कुल जमा हिट फिल्म 20 है। तिस पर सोलो में 6-7 है तो वही कुछ मल्टीस्टारर रही, बाकी बची फिल्में सपोर्टिंग किरदारों में हिट हुई।
लाइन से हिट तो काका दिये है।
फ्लॉप में कई हीरो सूचीबद्ध है।
अनिल कपूर अपने समकालीन सनी देओल को हीरो नहीं समझते थे। स्वयं को बड़ा स्टार मानते आए हैं। नो डाउट अभिनेता अच्छे है। आज के लौंडों की तुलना में खुद को इक्कीस बना रखा है।
इसी के चलते 2004 के बाद हॉलीवुड की गलियों में भटके ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्टार बन सके। लेकिन टॉम क्रूज की घोस्ट ने स्वप्न छिन्न-भिन्न कर दिया।
एके फिल्म में अनुराग कश्यप की ऑल्विन कालीचरण का जिक्र है बल्कि फिल्म का प्लॉट ही इसके इर्दगिर्द लिखा गया है। दरअसल, अनुराग की ऐसी स्क्रिप्ट बॉम्बे वेलवेट थी। जिसे रणबीर के साथ बना दिया था, फिल्म का हश्र किसी से छिपा नहीं है।
ऑल्विन को लेकर अनुराग कई हीरो के पास गये और आखिरी बातचीत शाहरुख ख़ान के साथ थी लेकिन बात बन न सकी। ये फिल्म जब भी बनेगी न, डिज़ास्टर होगी। क्योंकि ऐसे प्लॉट लंबे समय तक बस्ते में पड़े रहते है तो निपट जाते है इसका प्लॉट ही 2025 पर केंद्रित था। जहां इकॉनमी ध्वस्त की बात थी लेकिन अभी भारत 5 ट्रिलियन की बात कर रहा है खैर

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