संघ में प्रत्येक हिंदू को प्रवेश है।

संघ भेदभाव जानता नहीं है।

ब्राम्हण हो या महार, गरीब हों या अमीर, यह भेद संगठन को मान्य नहीं हैं।

ब्राम्हण - महार, अमीर- दरिद्र, विद्वान - अविद्वान सभी को संघ में मुक्त प्रवेश है।

: पू. डा. केशव बलिराम हेडगेवार

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