2 лет - перевести

आज के दिन 18 जून 1576 को चेतक अपनी स्वामी भक्ति दिखाते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ।
महाराणा प्रताप जी अपने चेतक को खोकर बहुत भावुक हो गए थे।
जिसने हमारे देश के स्वाभिमानी राजा की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया ऐसे महान चेतक को कभी नहीं भुलाया जा सकता।
#हल्दीघाटी #महाराणा_प्रताप

image