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दहेज के आगे नहीं झुकी बेटी: मंडप में ही तोड़ी शादी, बनी मिसाल
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से आई यह घटना सिर्फ एक शादी रद्द होने की खबर नहीं है, बल्कि एक सामाजिक चेतना की दस्तक है। सब कुछ तय था—मंडप सजा हुआ था, बारात आ चुकी थी, रिश्तेदारों की भीड़ और खुशियों का माहौल बना हुआ था। तभी अचानक दूल्हे पक्ष ने दहेज में 20 लाख रुपये नकद और एक ब्रेज़ा कार की मांग रख दी।
यह मांग सुनते ही माहौल बदल गया। लड़की और उसका परिवार हक्का-बक्का रह गया। जब इस पर आपत्ति जताई गई तो आरोप है कि दूल्हे का व्यवहार अभद्र हो गया। लेकिन इसी बीच, दुल्हन ने जो फैसला लिया, वह आज हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गया।
उसने साफ शब्दों में कह दिया—“मैं दहेज मांगने वाले इंसान से शादी नहीं कर सकती।”
और वहीं, उसी मंडप में उसने विवाह रद्द कर दिया।
यह पल आसान नहीं था। समाज का दबाव, रिश्तेदारों की निगाहें और भविष्य की अनिश्चितता—सब कुछ सामने था। लेकिन उसने अपने आत्मसम्मान को चुना। पुलिस को बुलाया गया, स्थिति संभाली गई और मामला शांत कराया गया।
आज इस फैसले की हर ओर सराहना हो रही है। लोग कह रहे हैं—यही असली साहस है। यही असली बदलाव है।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि दहेज सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक अपराध है। और जब बेटियां अपने हक के लिए खड़ी होती हैं, तो समाज को भी बदलना पड़ता है।
आज की महिलाएं अब चुप नहीं हैं।
वे समझौता नहीं, सम्मान चाहती हैं।
और यही बदलाव की असली शुरुआत है।

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