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जिन्दगी जिन्दा-दिली को जान ऐ रोशन,
वरना कितने ही यहाँ रोज़ फ़ना होते हैं।
मातृभूमि की स्वतंत्रता हेतु अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले
अमर बलिदानी ठाकुर रोशन सिंह जी की जयंती पर
शत्-शत् नमन 🇮🇳

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