जब पूरा देश लियोनेल मेसी से मिलने की तस्वीरों और चर्चाओं में डूबा हुआ था, तब विराट कोहली ने एक अलग ही रास्ता चुना। उन्होंने भीड़ और सुर्खियों से दूर जाकर प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन किए। यह कदम दिखाता है कि विराट के लिए आंतरिक शांति, आस्था और आध्यात्मिक संतुलन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना मैदान पर सफलता। यह मुलाकात उनके व्यक्तित्व के उस पक्ष को सामने लाती है, जहां विनम्रता और आत्मिक जुड़ाव सबसे ऊपर है।