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बिहार के सासाराम में गुरुवार को रमेश कुमार नामक एक दिव्यांग व्यक्ति सड़क पर हाथों के सहारे रेंगते हुए जा रहे थे. मीडिया के माध्यम से जब इसकी सूचना जिला दिव्यांग सशक्तिकरण कोषांग के सहायक निदेशक आफताब करीम को मिली, तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे. अधिकारी ने रमेश को देखकर भावुक होते हुए उन्हें अपनी सरकारी गाड़ी की अगली सीट पर बैठाया और सीधे सदर अस्पताल ले गए.
अस्पताल में उन्होंने रमेश की चिकित्सकीय जांच करवाई और तुरंत उसी समय दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनवा दिया. सहायक निदेशक आफताब करीम ने रमेश को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर उन्हें ट्राई-साइकिल समेत अन्य जरूरी सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे. इस मानवीय पहल की चारों ओर सराहना हो रही है.

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