वक़्त के साथ 'असंभव' की परिभाषा बदल जाती है! टाइटैनिक और 'Icon of the Seas' की ये टक्कर आपको हैरान कर देगी।
1912 में जब टाइटैनिक समंदर में उतरा, तो दुनिया को लगा कि इससे बड़ा और भव्य कुछ हो ही नहीं सकता। उसे 'न डूबने वाला जहाज' और समंदर का राजा कहा गया। लेकिन आज, इंजीनियरिंग की तरक्की ने एक ऐसा दानव खड़ा कर दिया है जिसके सामने टाइटैनिक किसी छोटी नाव जैसा दिखता है।
वजन में 5 गुना भारी और सुविधाओं में 100 गुना आगे!
नया 'Icon of the Seas' सिर्फ़ लंबाई में बड़ा नहीं है, बल्कि इसका कुल वजन टाइटैनिक से 5 गुना ज़्यादा है। जहाँ टाइटैनिक में करीब 2,400 लोग सफर करते थे, वहीं इस नए अजूबे में यात्रियों और क्रू को मिलाकर 10,000 से ज़्यादा लोग एक साथ रह सकते हैं। इसमें दुनिया का सबसे बड़ा वाटरपार्क, 7 पूल और एक पूरी आलीशान टाउनशिप समाई हुई है। यह सिर्फ़ एक जहाज़ नहीं, समंदर पर तैरता हुआ एक पूरा शहर है।