महाराष्ट्र के पैठण तालुका के पचोड़ में एक किसान परिवार ने अपने 28 साल पुराने साथी बैल ‘खांड्या’ की मौत के बाद इंसानों की तरह दशक्रिया और तेरहवीं कर अनोखी श्रद्धांजलि दी. किसान ने मुंडन कर रीति-रिवाज निभाए और गांव वालों को भोज भी कराया, जिससे पशु के प्रति उनके गहरे प्रेम का उदाहरण सामने आया. यह घटना खेती में बैल और किसान के अटूट रिश्ते और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाती है.