सहारनपुर
लड़की देखने गया युवक, शादी से इनकार किया —
लड़की पक्ष ने चप्पलों की माला पहनाकर सार्वजनिक अपमान किया।
अगर यही किसी लड़की के साथ होता,
तो बिना देर दहेज प्रताड़ना, उत्पीड़न का मुकदमा,
पूरा मीडिया ट्रायल,
और पुलिस का सुओ मोटो एक्शन तय था।
लेकिन जब पुरुष प्रताड़ित होता है —
तब सिस्टम, मीडिया और समाज को सांप सूंघ जाता है।
यही है भारत का डबल स्टैंडर्ड।
यही है चयनात्मक न्याय।