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शीतला अष्टमी (बासोड़ा) की हार्दिक शुभकामनाएँ शीतला अष्टमी (बासौड़ा) पर माता शीतला को एक दिन पहले बना बासी भोजन (ठंडा भोग) अर्पित किया जाता है। मुख्य भोग में दही-चावल, मीठे चावल (केसरिया भात), पुए (गुलगुले), बिना नमक की पूड़ी, बेसन के लड्डू, पकौड़ी, राबड़ी और बाजरे की रोटी शामिल हैं। यह ठंडा भोजन माता को प्रसन्न करने के लिए समर्पित किया जाता है।
शीतला अष्टमी के प्रमुख भोगः
बासी भोजन (बासौड़ा): अष्टमी को ताजा खाना नहीं
बनाया जाता, एक दिन पहले (सप्तमी को) बना भोजन ही खाया जाता है।
बासी भोजन (बासौड़ा): अष्टमी को ताजा खाना नहीं
बनाया जाता, एक दिन पहले (सप्तमी को) बना भोजन ही खाया जाता है।
दही-चावल और मीठे चावल शीतला अष्टमी के प्रमुख भोग है
या चीनी/गुड़ डालकर मीठे चावल (केसरिया भात) का भोग लगाते हैं।
पुए और गुलगुलेः गुड़ या चीनी मिलाकर आटे के पुए या गुलगुले बनाए जाते हैं।
बिना नमक की पूड़ीः घी या तेल में तली हुई बिना नमक की पूड़ी विशेष रूप से चढ़ाई जाती है।
दाल का हलवाः मूंग दाल का हलवा भी माता को भोग में समर्पित किया जाता है।
ठंडी रोटी और पकौड़ी: दही या गुड़ के साथ बासी रोटी और बेसन की पकौड़ी का भोग लगाया जाता है।
बहुत जगह राबड़ी और बासी बाजराः बाजरे की रोटी या राबड़ी भी ठंडी करके भोग में शामिल करते हैं।