पन्नालाल पटेल (1912–1989) गुजराती साहित्य के सबसे प्रमुख और सम्मानित कथाकारों में से एक थे। ग्रामीण जीवन के सजीव चित्रण के लिए विख्यात, वे उमाशंकर जोशी के बाद ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले दूसरे गुजराती लेखक थे।
उनकी पहली कहानी 'शेठनी शारदा' 1936 में प्रकाशित हुई, और उनका पहला उपन्यास 'वलमणा' (Vlamna) 1940 में आया।