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शाबाश मुकुल !
झुंझुनू जिले के गुढ़ागौडजी कस्बे के उभरते क्रिकेटर मुकुल चौधरी ने आज मैदान पर ऐसा तूफान खड़ा किया कि हर कोई उनका दीवाना हो गया। जब टीम हार के मुहाने पर खड़ी थी और जीत दूर नजर आ रही थी, तब मुकुल ने मोर्चा संभाला और अकेले दम पर मुकाबले का रुख बदल दिया।
मुकुल ने महज 27 गेंदों में 200 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट से नाबाद 54 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी में 2 शानदार चौके और 7 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। हर छक्का दर्शकों के जोश को दोगुना करता गया और विरोधी टीम पर दबाव बढ़ाता गया।
मैच का सबसे रोमांचक क्षण आखिरी दो ओवर में ऐसे दबाव भरे पल में मुकुल ने बेखौफ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए जरूरी रन जुटाए और टीम को यादगार जीत दिला दी। यह पारी न सिर्फ मैच जिताने वाली रही, बल्कि मुकुल को रातों-रात चर्चा का केंद्र भी बना गई।
मैच के बाद मशहूर कमेंटेटर हर्ष भोगले से बातचीत में मुकुल ने अपने जज्बे को एक सैनिक से जोड़ा। भोगले ने जब उनके क्षेत्र में सैनिकों की परंपरा का जिक्र किया, तो मुकुल ने गर्व से कहा, खून तो वही है। वो सीमा पर लड़ते हैं और मैं खेल के मैदान पर।
मुकुल की यह पारी सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि जुनून, हौसले और दबाव में प्रदर्शन की मिसाल बन गई है। अब झुंझुनू ही नहीं, पूरे इलाके में इस युवा खिलाड़ी की गूंज सुनाई दे रही है। शाबाश मुकुल।

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