वैष्णो देवी पर चढ़ाई के दौरान, एक बहन की नजर रास्ते में बैठे भिखारियों की भीड़ पर पड़ी और अचानक उस बहन का दिल चीख उठा...कहते हैं जब बुलावा आता है, तो किस्मत के बंद दरवाजे भी खुल जाते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ एक परिवार के साथ, जिसने अपने बेटे को 5 साल पहले खो दिया था। बरसों की तलाश और थकी हुई उम्मीदों के बीच, यह परिवार माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहुँचा। चढ़ाई के दौरान, एक बहन की नजर रास्ते में बैठे भिखारियों की भीड़ पर पड़ी। अचानक उसकी आँखें एक शख्स पर ठहर गईं। चेहरे पर बढ़ी हुई दाढ़ी और फटे हाल कपड़ों के बावजूद, बहन का दिल चीख उठा-वह उसका अपना भाई था, जो पिछले 5 सालों से लापता था। जैसे ही माँ और बेटी ने उसे पहचाना, उनकी आँखों से आँसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। 5 साल का लंबा इंतजार एक पल में खत्म हो गया। वहाँ मौजूद श्रद्धालु भी इस मंजर को देखकर दंग रह गए। इसे लोग 'माता रानी का चमत्कार' मान रहे हैं, क्योंकि लाखों की भीड़ में अपने बिछड़े हुए को पाना किसी करिश्मे से कम नहीं है। आज इस परिवार को उनकी सबसे बड़ी खुशी वापस मिल गई