जल-जंगल-ज़मीन की रक्षा के लिए शंखनाद करने वाले वीर योद्धा तेलंगा खड़िया आदिवासी अस्मिता के सशक्त प्रतीक हैं। उनके नेतृत्व में अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध 'जोड़ी पट्टी' आंदोलन की गूँज उठी थी। उनके संघर्ष में मातृभूमि के प्रति अनन्य प्रेम, अदम्य साहस और शोषण के विरुद्ध क्रांति की पुकार है।