12 horas - Traduzir

अब मनमानी नहीं चलेगी! बिहार में बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग चलाने पर 1 लाख जुर्माना, फीस और पढ़ाई के समय पर भी सख्त नियम

बिहार में तेजी से बढ़ते निजी कोचिंग संस्थानों पर अब सरकार सख्ती की तैयारी में है। शिक्षा विभाग ने ‘बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026’ का ड्राफ्ट जारी कर दिया है, जिसके लागू होने के बाद राज्य में बिना रजिस्ट्रेशन कोई भी कोचिंग संस्थान नहीं चल सकेगा। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून पर छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संचालकों से 7 जून तक सुझाव मांगे हैं। नया कानून लागू होने के बाद वर्ष 2010 का पुराना अधिनियम प्रभावहीन हो जाएगा।

ड्राफ्ट में साफ किया गया है कि स्कूल और कॉलेज के समय में कोचिंग नहीं चलेंगी, ताकि छात्रों की नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो। यह नियम उन संस्थानों पर लागू होगा जहां 25 से अधिक छात्रों को पढ़ाया जाता है या 10 से ज्यादा छात्रों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

सरकार ने कोचिंग संस्थानों के रजिस्ट्रेशन, फीस, आधारभूत सुविधाओं, मानसिक स्वास्थ्य और भ्रामक विज्ञापनों तक के लिए विस्तृत नियम तय किए हैं। अब कोचिंग संस्थानों को फीस संरचना, शिक्षकों की योग्यता और अन्य जरूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। रैंक या सफलता की गारंटी देने वाले भ्रामक विज्ञापन भी प्रतिबंधित होंगे।

ड्राफ्ट के मुताबिक हर छात्र के लिए कम-से-कम दो वर्गफुट जगह देना अनिवार्य होगा। साथ ही किसी भी यौन अपराध में दोषी व्यक्ति को कोचिंग संस्थान में नियुक्त नहीं किया जा सकेगा। छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने के लिए काउंसलिंग व्यवस्था भी जरूरी की गई है।

सरकार ने पढ़ाई के समय को लेकर भी सीमा तय की है। किसी छात्र को एक दिन में चार घंटे से ज्यादा कोचिंग नहीं कराई जा सकेगी। सप्ताह में एक दिन छुट्टी देना अनिवार्य होगा और टाइम-टेबल ऐसा बनाना होगा जिससे छात्रों को आराम और परिवार के साथ समय मिल सके।

ड्राफ्ट में शिक्षकों को लेकर भी सख्त प्रावधान रखे गए हैं। स्नातक से कम योग्यता वाले शिक्षक नहीं रखे जा सकेंगे और सरकारी शिक्षक कोचिंग में पढ़ा नहीं सकेंगे। संस्थानों को इसके लिए शपथ पत्र देना होगा।

फीस वसूली के नियम भी बदले जाएंगे। कोचिंग संस्थान पूरे कोर्स की फीस एकमुश्त नहीं ले सकेंगे। अभिभावकों को कम-से-कम चार किस्तों में फीस जमा करने का विकल्प देना होगा। यदि कोई छात्र बीच में कोर्स छोड़ता है तो बची हुई फीस 10 दिनों के भीतर लौटानी होगी। हॉस्टल और मेस फीस वापसी का प्रावधान भी ड्राफ्ट में शामिल किया गया है।

सरकार का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

#biharwings #bihar #biharnews #privatecoaching #biharcoaching #newrule #newregulations Samrat Choudhary

image