जल को अपना साम्राज्य बनाने वाले और सात समुद्रों पर विजय प्राप्त करने वाले भारत के महानतम लंबी दूरी के तैराक, पद्म भूषण मिहिर सेन जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि! 🌊🙏
मिहिर सेन सिर्फ एक तैराक नहीं, बल्कि अदम्य साहस और कभी न टूटने वाले संकल्प का दूसरा नाम थे। 1958 में इंग्लिश चैनल पार करने वाले वे पहले भारतीय और एशियाई बने थे। उनकी सबसे बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि यह रही कि उन्होंने एक ही कैलेंडर वर्ष (1966) में 5 महाद्वीपों के 5 प्रमुख समुद्रों/जलडमरूमध्यों (पाक जलडमरूमध्य, जिब्राल्टर, डारडेनेल्स, बोस्फोरस और पनामा नहर) को तैरकर पार किया और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया।
उनका एक प्रसिद्ध कथन आज भी युवाओं के दिलों में जोश भर देता है: "मैंने यह खतरनाक तैराकी प्रसिद्धि या पुरस्कारों के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को यह दिखाने के लिए की थी कि हम भारतीय अब किसी से डरते नहीं हैं।"मातृभूमि के गौरव को वैश्विक स्तर पर चमकाने वाले इस महानायक का जीवन हमें हर विपरीत परिस्थिति में तैरकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। 🇮🇳#mihirsen #greatestswimmer #indianlegend #deathanniversary