जयपुर के सबसे बड़े SMS अस्पताल से आई यह खबर बेहद विचलित करने वाली और दुर्भाग्यपूर्ण है। नेफ्रोलॉजी यूनिट के हेड के रिटायर होने के बाद एक महीने से कमरे पर ताला लटका है, जिसके कारण किडनी ट्रांसप्लांट की 11 मरीजों की फाइलें अंदर कैद हैं।
मरीज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, डायलिसिस के कारण उनका वजन लगातार घट रहा है, लेकिन संवेदनहीन अस्पताल प्रशासन एक ताला तक नहीं खोल पा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को इस तरह लावारिस छोड़ना मरीजों के जीवन के साथ सरेआम खिलवाड़ है।
मेरी मुख्यमंत्री जी और स्वास्थ्य मंत्री जी से मांग है कि इस मामले में तुरंत दखल देकर ताला खुलवाया जाए, फाइलों को मुक्त कर मरीजों का ट्रांसप्लांट सुनिश्चित किया जाए और इस घोर लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। SMS के प्रिंसिपल को अविलंब इस विषय को देखना चाहिए। मरीजों का एक-एक दिन कीमती है!