#राष्ट्रीय_स्वयंसेवक_संघ में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि भगवा ध्वज को गुरु के रूप में प्रणाम किया जाता है। संघ की परंपरा में इसे श्री गुरु दक्षिणा उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
गुरु पूर्णिमा का महत्व
#गुरु_पूर्णिमा के दिन भारत में गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। संघ इस परंपरा को एक विशिष्ट रूप देता है।
संघ के अनुसार:
भगवा ध्वज त्याग, तपस्या, शौर्य, ज्ञान और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक है।
कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं होता, इसलिए किसी व्यक्ति को गुरु न मानकर आदर्शों के प्रतीक भगवा ध्वज को गुरु माना जाता है।
इससे व्यक्तिपूजा के स्थान पर तत्त्वपूजा और आदर्शपूजा की भावना विकसित होती है।