उन्होंने पूरी ज़िंदगी विद्यार्थियों को पढ़ाने में बिताई। अब अपनी जीवनभर की कमाई भी शिक्षा और ज्ञान के भविष्य के नाम कर दी।
सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. नंदिता भट्टाचार्य गोस्वामी और डॉ. पन्नालाल गोस्वामी ने असम के कुमार भास्कर वर्मा संस्कृत एवं प्राचीन अध्ययन विश्वविद्यालय को अपनी जीवनभर की बचत में से ₹1 करोड़ दान दिए हैं।
इस राशि से विश्वविद्यालय में एक विशेष अकादमिक चेयर स्थापित की जाएगी, जो असमिया भाषा, संस्कृत, संस्कृति और प्राचीन ज्ञान पर शोध और अध्ययन को बढ़ावा देगी। इससे आने वाली पीढ़ियों के छात्रों और शोधकर्ताओं को भी लाभ मिलेगा।
आज जब लोग अपनी संपत्ति बढ़ाने को सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं, तब इस प्रोफेसर दंपति ने दिखाया है कि सबसे बड़ी विरासत वह होती है, जो समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़ी जाए!
[Assam, professor couple, ₹1 crore donation, higher education, Assamese language, Sanskrit,