भारतीय हॉकी के स्वर्णिम इतिहास का गौरवशाली दिन🏑
29 जुलाई 1980 भारतीय हॉकी के इतिहास का वह सुनहरा दिन है, जब मॉस्को ओलंपिक में कप्तान वासुदेवन भास्करन के नेतृत्व में भारतीय टीम ने स्पेन को 4-3 से हराकर अपना आठवां और अब तक का आखिरी ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता था। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। भारत ने शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन स्पेन ने जोरदार वापसी करते हुए मुकाबले को कांटे का बना दिया। मैच के अंतिम चरण में मोहम्मद शाहिद के निर्णायक गोल ने भारत को फिर बढ़त दिलाई और आखिरकार भारतीय टीम ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली। इस स्वर्णिम सफलता के बाद भारत को अगले ओलंपिक पदक के लिए चार दशक से अधिक इंतजार करना पड़ा। अंततः टोक्यो 2020 ओलंपिक में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीतकर पदकों का सूखा खत्म किया, लेकिन नौवें ओलंपिक स्वर्ण का इंतजार आज भी जारी है।