कहते हैं कि प्यार सरहदों का मोहताज नहीं होता। जब दो लोग एक-दूसरे को पसंद करने लगते हैं, तो उनके बीच की दूरी और भाषा भी रिश्ते में बाधा नहीं बनती। ऐसी ही एक प्रेम कहानी बिहार के भागलपुर के रहने वाले राहुल यादव और रूस की युवती जूली की है।
काम के सिलसिले में रूस गए राहुल की मुलाकात वहां जूली से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह मुलाकात प्यार में बदल गई। अब दोनों अपने रिश्ते को शादी के बंधन में बांधने की तैयारी कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि राहुल का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। रहने के लिए उनके पास सिर्फ एक टूटा-फूटा खपरैल का घर है। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति का जूली के प्यार पर कोई असर नहीं पड़ा।
जूली अपने हाथ में लाल गुलाब लेकर राहुल के घर पहुंची। उसने बिना किसी झिझक के राहुल को गुलाब दिया और उन्हें गले लगा लिया। भावुक होकर जूली ने कहा, "हम यहीं आपके साथ रहेंगे। आप गरीब हैं तो क्या हुआ, मुझे आपके साथ इसी गरीबी में रहना मंजूर है। हम इसी झोपड़ी में रहकर अपना जीवन गुजारेंगे।"