8 horas - Traduzir

जगत जननी माता दुर्गा के पंचम स्वरूप माँ स्कंदमाता के चरणों में कोटि-कोटि वंदन।
नवरात्रि के पाँचवे दिन माँ स्कंदमाता की आराधना से भक्तों को यश, धन, ऐश्वर्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

माँ स्कंदमाता, भगवान कार्तिकेय की जननी, प्रेम, करुणा और मातृत्व की प्रतीक हैं।
उनकी कृपा से मन, वाणी और कर्म की शुद्धि होती है।
प्रभु से प्रार्थना है कि माँ स्कंदमाता सभी भक्तों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें और हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।

image