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ॐ श्री राधा दामोदर के पुजारी जी श्री वैष्णव चरणदास बाबा जी का आज श्री कृष्ण कुंड के कुंड पर स्नान करने गए थे। सुबह 40 बजे स्नान करने समय पैर फिसलने के कारण उनका गोलोकधाम वास हो गया वे ऐसे संत दिव्य संत थे।
जिन्होंने ऐसी शिक्षा दी किस तरह से जानवरों से प्रेम करते थे। गायों से कुत्तों से सबको कंबल पर सुलाते थे।
कोई भी अतिथि अभ्यागत आ जाता था। बिना निमंत्रण के सभी को प्रसाद खिलाते थे। ऐसे दिव्य संत का आज हमारे श्री धाम राधा कुंड से श्री दामोदर मास में कार्तिक मास में श्री गोलोक धाम की प्राप्ति हुई। राधा कुंड अष्टमी के अवसर पर तो राधा रानी ने उनको अपने पास बुला लिया। जय जय श्री राधे। दिव्य संत के चरणों में कोटिश नमन।
ॐ शांति
ॐ नमः शिवाय

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