2 ans - Traduire

ना वे धर्म जात में बँटता,ना ही कुटुम कबीलां में।
पिढ्यां खुद री रण में मेली, राखण खुशियाँ थारा कबीलां में॥
.
भावार्थ - वे (राजपूत) ना ही धर्म-जाति में बँटे और ना ही कुटुम्ब-कबीलों में।
उन्होंने किसी भी धर्म-जाति का भेद किये बिना दूसरे समाजों(कबीलों) की सुरक्षा में अपनी कईं पीढ़ियों को युद्धभूमि में भेजा।
फ़ोटो : गुजरात के प्रसिद्ध लोकदेवता विर वच्छराज दादा सोलंकी की है।
जय राजपूताना🙏🚩

image