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आज सोमवार दिनांक २० नवंबर २०२३ की श्री सुन्दरकाण्ड की पावन चौपाई🙏🚩
विभीषण का रावण से संवाद चल रहा है और वह रावण को भांति भांति के उदाहरण देकर सन्मार्ग पर चलने के लिए कह रहे हैं और रावण को उसके द्वारा किए गए कृत्य के दुष्परिणाम के विषय में अवगत करवाने का प्रयास कर रहे हैं....विभीषण कहते हैं चौदहों भुवनों या लोकों का एक ही स्वामी हो, वह भी जीवों से वैर करके ठहर नहीं सकता, नष्ट हो जाता है।
जो मनुष्य गुणों का समुद्र और चतुर हो, उसे चाहे थोड़ा भी लोभ क्यों न हो, तो भी कोई भला नहीं कहता। गोस्वामी जी कितना सुन्दर वर्णन कर रहे हैं कि थोड़ा सा लोभ भी गुणों के सागर को बिल्कुल शून्य कर देता है...जिसके अंदर लोभ की भावना उत्पन्न हुई वह भले ही जीवन में कुछ भी प्राप्त कर ले किंतु समाज में उसे कोई भला नही कहता यही लोभ रावण के लिए भी विनाश का कारण बना जबकि उसके पास सभी कुछ था🙏🚩
प्रभु राम की लीला समझने की है...अपने जीवन में उतारने की है...मानस की प्रत्येक चौपाई के पीछे एक गूढ़ रहस्य है 🚩🚩
जय हो गोस्वामी जी महाराज की🙏

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