2 anos - Traduzir

यकीन मानिए दोस्तों, रोहित शर्मा से ज्यादा अफसोस वर्ल्ड कप हारने का आपको नहीं हो सकता। इस आदमी ने पिछले 2 साल से वर्ल्ड कप की खातिर जीना छोड़ दिया था। दिन-रात रणनीति बनाकर रोहित शर्मा ने भारतीय टीम को वर्ल्ड कप फाइनल तक पहुंचाया था। रोहित चाहते, तो अपने सलामी जोड़ीदार शुभमन गिल से तेज बल्लेबाजी के लिए कह सकते थे। खुद वर्ल्ड कप के हर मैच में देर तक बैटिंग कर सकते थे। पर हिटमैन ने वर्ल्ड कप जीतने का ख्वाब देखा था। तो भारतीय बल्लेबाजी को बदलने का बीड़ा भी इसी आदमी ने उठाया। रोहित हर मैच में आकर भारतीय टीम को ताबड़तोड़ शुरुआत देते थे। एक ऐसा मंच सेट करते थे, जिस पर मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज रनों की बड़ी इमारत खड़ी कर पाते थे। रोहित शर्मा ने फाइनल मैच में भी अपना काम बखूबी किया।
31 गेंद पर 151.61 की स्ट्राइक रेट के साथ 4 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 47 रन हिटमैन के बल्ले से आए। रोहित की गलती यही रही कि उन्हें अपने मध्य क्रम के बल्लेबाजों पर भरोसा था। चाहे वह श्रेयस अय्यर हों या केएल राहुल या सूर्यकुमार यादव। रोहित को लगा कि अगर मैं पावरप्ले के दौरान भारत का स्कोर 80 रन कर दूंगा, उसके बाद ये खिलाड़ी जिम्मेदारी उठा ले जाएंगे। फाइनल में मध्य क्रम क्लिक नहीं कर सका। वर्ल्ड कप का सबसे मुश्किल कैच भी रोहित शर्मा का ही पकड़ा गया। पूरे वर्ल्ड कप के दौरान टीम की खातिर अपने विकेट की परवाह ना करने वाले रोहित शर्मा वर्ल्ड कप में दूसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। हिटमैन ने 11 मैच में 54.27 की एवरेज और और 125.95 की स्ट्राइक रेट के साथ 597 रन बनाए। मुझे रोहित से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने अपना सब झोंक दिया, पर जीत हाथ से रेत की तरह फिसल गई
The genuine Hero of this Indian team is Rohit Sharma ❤️

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