2 anos - Traduzir

✍️नाथ भगति अति सुखदायनी।
देहु कृपा करि अनपायनी॥
सुनि प्रभु परम सरल कपि बानी।
एवमस्तु तब कहेउ भवानी॥
✍️हे नाथ! मुझे अत्यंत सुख देने वाली आपकी निश्चल भक्ति का आशीर्वाद कृपा करके दीजिए। हनुमान्‌जी की अत्यंत सरल वाणी सुनकर,(शिव जी कहते हैं) हे भवानी! तब प्रभु श्री रामचंद्रजी ने 'एवमस्तु' कहा॥
✍️ दीपक शर्मा पारीक

image