मेरे राम जी का बना है मकान,
आओ सब मिल घर भोज करें।
मकान बना आलीशान,
आओ सब मिल आरती रोज करें।
अयोध्या है जिनका धाम,
उनका हम अपने में खोज करें।
मेरे राम जी का बना है मकान,
आओ सब मिल घर भोज करें।
वही हैं चारो धाम,
चित्त में अपने ध्यान धरें।
राम नाम से बन जाए बिगड़ा काम,
अपनी डोर हम उनके हाथ धरें।
सब पूर्ण हो जाए काम,
बस उनका ही स्मरण दिन रात करें।
मेरे राम जी का बना है मकान,
आओ सब मिल घर भोज करें। कुमार आलोक।

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