आन-बान -शान स्वाभिमान का जो प्रतिमान
सुभट महान को प्रणाम करती हूँ मै
गौरव की गाथा -राजस्थान का जो माथा
ऐसे भ्राता बलवान को प्रणाम करती हूँ मै
चेतक की टाप पद चाप सुन जाएँ काँप
अश्व अवदान को प्रणाम करती हूँ
रण बीच राणा जो है राणा बीच महाराणा
ऐसे आसमान को प्रणाम करती हूँ मै...
राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले अद्भुत शौर्य और अदम्य साहस के प्रतीक महापराक्रमी वीर योद्धा महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन!