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मुक्केबाजी में छह बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी मैरी कॉम ने बुधवार रात को मुक्केबाजी से सन्यास ले लिया है। एमसी मैरी कॉम 41 साल की हो चुकी है और उन्होंने बताया कि मैंने अपने जीवन में सब कुछ हासिल कर लिया है, मुझ में अभी कंपटीशन में हिस्सा लेने की भूख है। लेकिन इंटरनेशनल मुक्केबाजी संघ के नियमों के तहत मैं अब खेल नहीं सकती, क्योंकि 40 साल से ऊपर की महिला और पुरुष को मुक्केबाजी करने और खेलने की अनुमति नहीं है। मैरी कॉम 41 साल की हो गई है और साल 2012 में मैरी कॉम ने भारत को पहला ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। इसके बाद वह लगातार छह बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी है, एमसी मैरी कॉम ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला मुक्केबाज है इसके अलावा एमसी मैरी कॉम पांच बार एशियाई चैंपियनशिप जीतने वाली पहली महिला है।

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