पापा की परी है ये मेरा अब्दुल ऐसा नहीं है बोलके प्यार में गई थी मुस्लिम देशों के बाज़ारो में 13 बार बेचा गया आख़िरी में मौत हुई एक विशेष तरह के खेल से ।इस खेल में शेख़ अपने अपने ख़ूँख़ार कुत्तो को लड़की को नंगा करके उसके पीछे छोड़ देते है जिसका कुत्ता पहेले काट लेता वो शेख़ जीत जाता शेख़ों के सामने कुत्तो ने नोच के खाया अच्छे घर की पापा की परी थी ये अपनी टीम ने समझाया भी था पर इनका अब्दुल ऐसा नहीं था

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