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सामाजिक जीवन में 'वेदों के बोध' को पुनर्जीवित करने वाले महान संत, आर्य समाज के संस्थापक, महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
ऊंच-नीच, छुआ-छूत जैसी विकृतियों के खिलाफ उनके द्वारा चलाया गया अभियान आज भी समाज में एक नई चेतना का संचार करता है।

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