2 años - Traducciones

जगदीश्वरश्रीकृष्ण कहते हैं!
मृत्यु दुख नही है। इससे जुड़ा हुआ मोह दुख है।
नही तो इस संसार में कितनी मृत्यु हो रही है। हम दुखी सभी पर नही होते। जो सम्बंधी होता है, उसी पर दुख होता है।
भगवान गीता में सबसे अधिक आघात मोह पर ही करते हैं। वास्तव में मोह ही इस भौतिक
संसार के संचालन कि प्रमुख ऊर्जा है।
यह मोह ही सबको जला रहा है।