जब कोई देश developing से developed की यात्रा पर होता है तो सेवाये महंगी होती जाती है और छोटे से छोटे काम का भी सम्मान बढ़ता जाता है।
एक developing देश मे over employment होता है , जो काम 3 लोग कर सकते हैं वो वहाँ 10 लोग करते हैं, इसलिए सर्विस बहुत सस्ती होती है।
जितना उत्पादन भारत का 20 करोड़ किसान करता है , अमेरिका मे वही उत्पादन 1 करोड़ किसान कर लेते हैं।
भारत मे टीचर , छोटे काम वाले , किसान इसलिए बहुत सस्ते मिलते हैं।
developing से developed होने के लिए यही ओवर इम्प्लॉइमन्ट खत्म करना होता है और ये खत्म होता है मैन्यफैक्चरिंग से।
जब इंडस्ट्री लगती है , तो ओवर इम्प्लॉइमन्ट कम होता है।
आज से 100 साल पहले अमेरिका की 80% आबादी खेती करती थी , आज 2% करती है | मैन्यफैक्चरिंग से अमेरिका ने अपने यहाँ ओवर एमपलोएमेन्ट खत्म किया!
जब ओवर एमपलोएमेन्ट खत्म होता है , तो छोटे काम करने वाले ज्यादा लोग होते ही नहीं हैं , इसलिए वो सब छोटी सर्विस भी महँगी होती है , जब सर्विस महँगी होती है , तो उस से कमाई ज्यादा होती है और जहाँ कमाई होती है , वहाँ सम्मान भी आ जाता है।
developed देशों मे कोई काम छोटा नहीं होता , ओबामा की बेटी भी होटल मे वैट्रस का काम करती है!
बाल काटने के लिए भी अपॉइन्ट्मन्ट लिया जाता है , घरों में काम करने वाले भी किसी व्हाइट कोलार जॉब जैसा कमाते हैं।
जब developing से डिवेलप होते हैं तो dignity of labour आती है।
और यही भारत में अगले 15 साल मे होने जा रहा है।