हरजस सिंह पूरे विश्व कप के दौरान बल्ले से कोई कमाल नहीं कर सके। फाइनल से पहले 6 मैचों में हरजस के नाम सिर्फ 49 रन थे, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई मैनेजमेंट को उन पर पूरा भरोसा था। फाइनल में भी कप्तान और मैनेजमेंट ने उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया। इस बार हरजस ने ऑस्ट्रेलियाई खेमे को तो नहीं निराश किया, लेकिन भारत के चैंपियन बनने के सपने को तोड़ दिया।