2 yıl - çevirmek

ये उन अनाजों का आटा है जिन्हें हमने आधुनिकता की दौड़ में भोजन में शामिल करना छोड़ दिया है।
हम सबको लगता है कि मैदा हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है परन्तु गेहूं की आटा शरीर के लिए ठीक है।
ये बात भी पूरी तरह से ठीक नहीं है।
यदि हमे हमारे शरीर को स्वस्थ रखना है तो भोजन में विविधता अपनाना आवश्यक है जैसे हमारे पुरखे करते थे।
हालाकि उस समय उपज कम होती थी परन्तु उस समय का जो खान पान था वो पोषक तत्व से भरपूर होता था क्योंकि फर्टिलाइजर्स का प्रयोग न के बराबर होता था।
अब यदि फर्टिलाइजर्स न डाली जाय तो उपज ही नहीं मिल पाती है।
खैर मेरा सिर्फ इतना ही कहना है कि आप गेहूं के आटे की रोटी खाइए परन्तु इन सभी प्रकार के आटे की मिलाकर रख लीजिए और इनकी एक मोटी रोटी रोज के खाने में उपयोग करे।
इनके सदस्यों के हिसाब से टुकड़े कर दे और घी गुड़ या चटपटे नमक व सरसों तेल के साथ खाए और खिलाए।
यदि घर के सदस्य रोज में यही रोटी खाने के लिए तैयार हैं तो अच्छी बात है । इस आटे को गेहूं के आटे में मिला दे और रोज की रोटी इनसे ही बनाये।
वर्ना एक मोटी रोटी का हिसाब अपनाए।
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