यह वर्ष 2007 का समय था जब भारतीय टीम के कप्तान राहुल द्रविङ थे। भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी और भारत और इंग्लैंड के बीच 7 वनडे मैचों का छठवां मैच केनिंग्टन ओवल में खेला जा रहा था। सिरीज में इंग्लैंड 3-2 से बढत बनाए हुए था। टाॅस इंग्लैंड के कप्तान पाॅल कोलिंगवुड ने जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। इंग्लैंड की तरफ से उस समय ऐलिस्टर कुक, मैट प्रायर ओपनर हुआ करते थे। मिडिल आर्डर में इयान बेल,केविन पीटरसन,पाॅल कोलिंगवुड, लुक राईट, ओवैश शाह जैसे बेहतरीन बल्लेबाज हुआ करते थे। इस मैच में ओवैश शाह ने शानदार शतकीय पारी(नाबाद 107 रन) खेली थी और केविन पीटरसन,लुक राइट ने अर्द्धशतकीय पारियां खेली थी वही इयान बेल ने 49 रनों की पारी खेली थी।
इस मैच का सबसे यादगार लम्हा उस वक्त् आया था जब इंग्लैंड की पारी का 50 ओवर फेंकने युवराज सिंह आए थे। तत्कालीन भारतीय कप्तान राहुल द्रविङ ने युवराज सिंह को आखिरी ओवर में गेंदबाजी करने को कहा था। स्ट्राइक पर इंग्लैंड के मध्यम तेज गेंदबाज दिमित्री मेस्केरेनहास थे। युवराज सिंह ने पहली गेंद डाॅट बाल फेंककर बेहतरीन कार्य किया था लेकिन युवराज सिंह की अगली 5 गेंदों पर वह हुआ जो आज तक कोई भूल नही सका है। दिमित्री मेस्केरेनहास ने युवराज सिंह की अगली पांच गेंदों पर लगातार 5 छक्के जङ दिये। दिमित्री मैस्केरेनहास जहां इस ओवर से पहले 10 गेंदों पर 6 रन बनाकर खेल रहे थे वहीं इस ओवर की समाप्ति के बाद 15 गेंद पर 36 रन बनाकर नाबाद रहे थे। इंग्लैंड जहां किसी तरह 300 रन बनाने की स्थिति में नही था वहीं इंग्लैंड इस ओवर के बाद 316 रन बनाने में कामयाब हो गया था। हालांकि भारतीय टीम यह मैच 2 विकेट से जीतकर सिरीज को 3-3 से बराबर भी कर दिया था और इस मैच में सचिन तेंदुल्कर ने शानदार 94 रनों की पारी खेली थी।
इस मैच में मैस्केरेनहास द्वारा लगाए गये लगातार पांच छक्कों से युवराज सिंह पूरी तरह टूट चुके थे। उन्होने बताया कि इस घटना के बाद युवराज सिंह लगभग 15 दिनों तक ठीक से सो भी नही पाए थे। युवराज सिंह ने बाद में यह भी बताया कि लोगों के रिएक्शन इतने हतोत्साहित करने वाले होंगे वह सोचे भी नही थे। युवराज सिंह इस घटना से इतना प्रभावित हुए थे कि वह बदला लेने की ठान चुके थे।
संयोग से इसी वर्ष 2007 विश्वकप में इंग्लैंड की टीम का मुकाबला भारतीय टीम से था और यह मात्र संयोग ही है कि उस टीम में वही दिमित्री मैस्केरेनहास भी शामिल थे जिन्होंने युवराज सिंह के एक ही ओवर में लगातार 5 छक्के जङे थे।
एक तो युवराज सिंह पहले से ही इंग्लैंड टीम और उनके खिलाङियों से चिढे हुए थे उसी बीच इंग्लैंड के आलराउंडर एन्ड्यू फ्लिन्टाफ ने युवराज सिंह से बहस करके आग में घी डालने का कार्य किया। युवराज सिंह जिनके अंदर दिमित्री मैस्केरेनहास के प्रति पहले से ही बदला लेने का खून सवार था और बारूद के ढेर बने थे उस बारूद के ढेर में माचिश की तीली से आग लगाने का कार्य फ्लिन्टाफ ने कर दिया था। फ्लिन्टाफ को इस बात का तनिक भी अहसास नही था कि वह जिस खिलाङी से उलझे हैं वह महीनों से विस्फोट करने और बदला लेने को तैयार बैठा है।
पारी का 19वां ओवर फेंकने के लिए स्टुअर्ट ब्राड आए और फिर यह ओवर ऐतिहासिक हो गया। एक तरफ अपने तमाम आलोचकों से पांच छक्के खाने के बाद ताना सुनकर और दूसरी तरफ फ्लिन्टाफ की ताजा गरमा-गरम बहस से परेशान और गुस्सा हो चुके युवराज सिंह ने फिर स्टुअर्ट ब्राड को अपने विस्फोटक अंदाज से वाकिफ कराया और ब्राड के एक ही ओवर की लगातार 6 गेंदों पर 6 छक्के जङकर और मात्र 12 गेंद पर अर्द्धशतक ठोंककर पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी थी। ब्राड को भी नही पता था कि मैस्केरेनहास के उस पांच छक्के का बदला युवराज सिंह उनसे ले चुके थे। ब्राड,फ्लिन्टाफ और मैस्केरेनहास के साथ-साथ समूचे इंग्लैंड के खिलाङियों के चेहरे से पता चलता था कि युवराज सिंह ने बदला ले लिया था। लोग युवराज सिंह को सिक्सर किंग के नाम से इसी घटना के बाद से बुलाने लगे थे।