2 سنوات - ترجم

अंग्रेज हमारे देश का सारा पैसा लूटकर ले गए थे। उसी पैसे को वापस लाने के लिए वीर सावरकर जी ने अपनी पेंशन बँधवाई थी। उनकी प्लानिंग थी कि ऐसा कर के वो धीरे-धीरे अपने देश का सारा पैसा निकाल लेंगे। उन्होंने मातृभूमि की सेवा के लिए ये पेंशन वाली चाल चली थी। "

image