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मशहूर यूनानी दवा कंपनी हमदर्द में एक भी हिन्दू युवक को काम नहीं मिलता वो भी सिर्फ इसलिए कि वो हिन्दू है।

अल्पसंख्यक मंत्रालय और वक्फ बोर्ड के करोड़ो रूपये की सहायता से चलने वाला "हमदर्द" वक्फ लैबरोटरी, जिसके प्रोडक्ट साफी, रूह आफजा, सौलिन, जोशिना आदि है। उसके डिस्ट्रीब्यूटर या C&F बनने के लिए पहली शर्त है कि आवेदक सिर्फ मुस्लिम होना चाहिए... इस कंपनी में सेल्समैन से लेकर एमडी तक प्रत्येक काम करने वाला मुस्लिम है।

इसी कंपनी की ब्रांच पाकिस्तान में भी है।

सरकारी पैसे से चलने वाले दवा की कम्पनी का ये रुल है... जहाँ हिन्दूओ को सेकुलरवाद की घुट्टी पिलाकर नींद में सुला दिया गया है। मीडिया यह बात आपको कभी नहीँ बताएगी। अहमदाबाद की एक कंपनी ने एक मुसलमान को रोजागार देने से मना किया तो सारी मीडिया शोर मचाने लगी।

किन्तु हमदर्द एक ऐसी कंपनी है, जिसके सारे कर्मचारी मुसलमान हैँ। रुह अफजा, सिंकारा तथा साफ़ी जैसे अनेक उत्पाद हैँ इसके, जिसके मुख्य उपभोक्ता तथा खरीददार हिन्दू ही हैँ।

भारत में होने के बावजूद इसमें कोइ हिन्दू कार्य नहीँ कर सकता! इसके सारे कर्मचारी मुसलमान हैँ!

शुक्रवार को यह कंपनी मस्जिद में परिवर्तित हो जाती है!

इस कंपनी में हिन्दुओं को पैर तक नही रखने टिया जाता!

इस कंपनी के सारे उत्पादों का बहिष्कार करें। यह सत्य अधिक से अधिक लोगों को बताऐं तथा शेयर करें।

#साभार

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