2 Jahre - übersetzen

कई लोग रविंद्र सिंह भाटी के निर्दलीय चुनाव लड़ने को लेकर सोशल मीडिया पर लिख रहें हैं।
मेरा ये मानना हैं की भाटी में इतना दम नहीं हैं कि वो निर्दलीय लोकसभा का चुनाव लड़े। भाटी सिर्फ़ बोलने में अच्छे है बाक़ी जनता की लड़ाई ये व्यक्ति नहीं लड़ सकता।
बाकी भाटी जी शिव के लिए कितने हैंडपंप लाये उनसे कई गुणा ज्यादा तो एक हारा हुआ ले आया।
अब भाजपा भाटी को घास नहीं डाल रहीं है लेकिन भाटी बार बार भाजपा के चरणों में जाने का जुगाड़ कर रहें हैं।
निर्दलीय रह कर भी जनता की सेवा और काम करवाए जा सकते हैं Hanuman Beniwal जी की तरह..!!