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शिष्य के लिए गुरु द्वारा किए गए शिव स्तुति का अंश🙏
🚩हे शम्भो! मैं न तो योग जानता हूँ, न जप और न पूजा ही। मैं तो सदा-सर्वदा आपको ही नमस्कार करता हूँ।
🚩हे प्रभो! बुढ़ापा तथा जन्म (मृत्यु) के दुःख समूहों से जलते हुए मुझ दुःखी की दुःख से रक्षा कीजिए।
🚩हे शम्भो! मैं आपको बारम्बार नमस्कार करता हूँ 🚩🙏
🚩🚩🚩 श्री सीताराम की जै 🙏

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