2 yıl - çevirmek

🚩मारुतसुत तब मारुत करई। पुलक बपुष लोचन जल भरई॥
हनूमान सम नहिं बड़भागी। नहिं कोउ राम चरन अनुरागी॥🚩
🍁जय हनुमान, जय-जय हनुमान🍁

image