मुख़्तार अंसारी एक घोषित माफ़िया था। लेकिन ये तथ्य जानने के बाद भी विपक्ष मुख़्तार की मौत पर 'चूड़ियां' तोड़ रहा है।

सत्ता के पोषण, संरक्षण में मुख़्तार के कारण कितने परिवारों के बेटियों/माओं/पत्नियों को अपनी चूड़ियां तोड़ देनी पड़ी थीं, ये कलंक विपक्ष पर हमेशा है।