मेरा सभी से, पुनः हाथ जोड कर विशेष अनुरोध है कि आगे हनुमान *जन्मोत्सव* आ रहा है(जयंती नही)।
इसे हम सभी लोग *हनुमान जयंती* ना कहते हुए *हनुमान जन्मोत्सव* कहें व सभी को *हनुमान जन्मोत्सव* कहने के लिए प्रेरित करें।
क्योंकि जयंती उनकी मनाई जाती है *जो इस संसार में नहीं है* ।
और कलियुग में केवल श्री राम भक्त हनुमान जी ही *चिरंजीवी* है, आज भी विद्यमान है ।
अतः यह परिवर्तन हमें जरुर लाना है तथा यह मैसेज *हनुमान जन्मोत्सव* से पहले पहले सभी तक पहुंचना चाहिए ।।
।।जय श्री राम।।