अपने नेपाली चेले के साथ हाथ बांधे खड़ा रामदेव अब सुप्रीम कोर्ट से माफी की गुहार लगा रहा है, लेकिन कोर्ट ने माफ नहीं किया। क्योंकि ये 2 महीने पहले कह रहा था कि मेरी पूंछ पाड़ लोगे क्या, मैं तो यूंही बेचूँगा अपना माल।
पहले इसने मोदी को सहारा दिया, फिर मोदी ने इसको, फिर इसने नोएडा मिडिया को, फिर नोएडा मिडिया ने इसको। और इस तरह छ्दम राष्ट्रवाद की सलवार पहनकर ये हजारों करोड़ का मालिक बन गया। बेपरवाह, बेखौफ एकदम निरंकुश ! जिसको जी चाहा गरिया दिया, जो चाहा कानून तोड़ दिया। खरपतवार रगड़ कर दवाई बना दी कि इससे बेटा पैदा होगा, झाड़ियां रगड़कर चूर्ण बना दिया कि इससे किडनी ठीक होगी वगैरह वगैरह।
इसी अकड़ में ये सुप्रीम कोर्ट से पंगा ले बैठा, लेकिन ये भूल गया था कि आंवला चाहे जितना मर्जी बड़ा हो जाए, टहनी के नीचे ही रहता है।